Speech on Mahavir Jayanti

सेन्टमेरी चैम्पियन हा.से. स्कूल में आज महावीर जयंती के अवसर पर कक्षा दसवीं ’स’ की छात्रा सुरभि यादव द्वारा भाषण प्रस्तुत किया गया।
भारत महापुरुषों और देवी-देवताओं का देश कहा जाता है । इसी देश की भूमि पर देवी-देवताओं ने अवतार लेकर महान कार्य किये और ऋषि-मुनियों ने ज्ञान की गंगा बहायी । हम उन्हें तथा उनके महान कार्यों को याद करने के लिए हर वर्ष उनके जन्मदिवस भी मनाते हैं । उनमें से एक अवतारी परमपुरुष हैं भगवान महावीर, जिनका अवतार इस देश की पवित्र भूमि पर हुआ मनुष्य के मन से बुरे विचार दूर कर उस प्रत्येक जड़-चेतन का कल्याण करने लायक बनाने के लिए ।
मानव को दया और अहिंसा तथा मन की पवित्रता की शिक्षा देने वाले महावीर का जन्म बिहार के वैशाली राज्य के राजपरिवार में हुआ था किन्तु बचपन से ही राज-कार्य या धन-सम्पत्ति आदि के प्रति उनके मन में कोई आकर्षण नहीं था ।
भगवान महावीर ने सन्यास की दीक्षा लेने के बाद 12 वर्षो तक कठोर तप किया फिर उन्हें सत्य के ज्ञान की प्राप्ति हुई और उन्होंने जैन धर्म का प्रचार आरम्भ किया फिर यही से वर्धमान महावीर कहलाने लगे । उन्हीं भगवान महावीर के जन्म दिन को महावीर जयन्ती के रूप में याद किया जाता है ।
महावीर जयन्ती का पर्व बड़ी धूमधाम और उल्लास से मनाया जाता है । पर्व के कई दिनों पहले से ही पूजा-पाठ की तैयारियाँ शुरू हो जाती हैं । श्वेताम्बर और दिगम्बर दोनों प्रकार के जैन मंदिरों को खूब सजाया जाता है किन्तु सादगी और पवित्रता का ध्यान रखा जाता है । पूजा-पाठ तथा तरह-तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाते हैं तथा स्त्री-पुरुष भक्ति-भाव से महावीर स्वामी की जय-जयकार करते हुए जुलूस भी निकालते हैं । शोभा-यात्राओं में जैन साधु-संत सम्मिलित होते हैं ।